सोमवार, १२ ऑक्टोबर, २०२०

आयुष्य

चांगल्या माणसांचा शोध घ्यावा लागत नाही... आणि माझा अनुभव म्हणतो की शोधून सापडणारी सापडतील ती "चांगली माणसं" या प्रवर्गात मोडतीलच याची शाश्वती नाही... म्हणून रोजच्या रोजनिशीत स्व मनाचा, अंतर्मनाचा आरसा समोर धरत आपण चांगल्या मार्गावर, कर्मपथावर आहोत की नाही याची जाणीव आणि खात्री करावी... म्हणाल तर याची पोचपावतीच स्वतःला देतच रोज राती निजायचं.. आणि उद्याच्या सूर्य कालच्या त्रुटी भरून घेत, आणि चांगल्या कर्मपथाची शाश्वती स्वतःला देत दिवसाच्या पूर्वसंध्येला उगवायचा आणि पुन्हा नव तेजाने कर्मपथावर आरूढ व्हायचं..अशाने आपोआप चांगली माणसं भेटत जातात, मिळत जातात, जुळत जातात... आपल्या मनात बसतील आणि टिकतील अशी चांगली माणसं खूप कमी व दुर्मिळ असतात.. म्हणून अशा भेटलेल्या माणसांना जपण्याचं तंत्र मात्र विकसित करायचं आणि ती माणसं प्राणपणाने त्यांच्या अस्तित्वाच्या महत्वनिशी जपायची...बस्स आयुष्य जगणं काय असतं हे कोणासही विचारण्याची आवश्यकता नाही... उलट तुमचं असं आयुष्यच आदर्श बनत जातं...
 ✍

आवडल्यास शेयर जरूर करा.... व आपल्या बहुमूल्य प्रतिक्रिया नक्की कळवा..आभार.. 🙌

सोमवार, २४ ऑगस्ट, २०२०

जिंदगी

 अपनी  जिंदगी  से  कभी भी  नाराज  मत होना,

             क्या  पता आप जैसी जिंदगी दुसरे लोगो का सपना हो .......

                             बहुत मजबूत जो जाते है,    

                      वो लोग जो अंदर से टूट  जाते है....

                    जिंदगी को इतनी सस्ती मत बना ओ कि 

                         दो कोडी के लोग खेळ कर चले जाये.....

                        मै जानता हू किं मै कुछ तो हू 

                                   क्योकि 

                     वो कोई भी चीज बेकार नही बनाता

                    पारखता रहा उम्र भर ताकत दवाओ कि,

                   दंग रह गया देखकर ताकत दुआ ओ  कि.

प्रभू कहते है तू सोने से पहले सबको माफ कर मै उठणे से पहले तुझे माफ 

कर दुंगा ......


शुक्रवार, १९ जून, २०२०

एक सच्चाई भी

प्यार उसी से ही करना जिसके साथ यह कभी ना लगे
कि प्यार करना बहुत मुश्किल है


मुस्कुरा लेता  हूं कहीं बार यह सोच कर कौन है अपना जो मनाएगा मुझे रूठा हुआ देखकर

सहने  वाला ही जानता है 
कि वह किस कदर दर्द में है
वरना दुनिया को तो बस
झूठी हंसी ही दिखाई देती है

दिल उसी के साथ बार बार बार बात करना चाहता है
जिसे बात करने से पहले
दिल को एक बार भी नहीं सोचना पड़ता

आजकल की मोहब्बत का यही दौर है
कल मैं कोई और था आज कोई और है


जो इंसान आपकी सारी खुशियां ही छीन ले
उसके पीछे रोने का कोई फायदा नहीं

भरोसा क्या करना गैरो पर
जब गिरना और चलना है अपने ही पैरों पर
ब्लॉक करने के बाद बच्चों जैसी हरकत ना करा करो
सीधा दिल से उतार दिया करो

यह वक्त भी ना कमाल की चीज़ है ना
1 दिन आपको बता ही देता है
कि लोक  क्या थे और आप क्या समझ बैठे थे

धोखेबाज लोगों की असली पहचान बताऊं
पहले तो ये आपके हमदर्द बन जाएंगे
और बाद में जिंदगी का हर दर्द दे जाएंगे

काश उस इंसान का भी कोई दर्द समझ पाता
किस को किसी ने रोता हुआ ना दिखा हो


मानो या ना मानो
मगर यह सच है वक्त के साथ
आजकल हर कोई बदल जाता है

काश हम दिलों की तलाशी भी ले पाते
तो कम से कम पता तो चलता कि
किस किस के दिल में हमारे लिए क्या जगह है

तुमको चाहने वाला जब तुम्हें वक्त देना ही बंद कर दे
तो समझ जाना वह तुम्हारा नहीं रहा

जो लोग आपके बिना खुश है
उन्हें आपके बिना ही खुश रहने दो
उनके पीछे पड़ कर
अपनी बेज्जती मत करवाओ


अकेलापन कभी-कभी इंसान पर ईतना हावी  हो जाता है
जो कुछ ऐसा करवा देता है
जो सोच से भी परे होता है

वादा निभाया भी ना जाए तो किया भी ना करा करो

इस खेल में तो बस आप का वादा टूटा है

लेकिन किसी का दिल अंदर तक टूट जाता है



दिल और भरोसा टूटने की  आवाज नहीं आती पर

दर्द बहुत ही ज्यादा होता है


पत्तों सी हो गई आजकल रिश्तो की जिंदगी

आज हरे है कल सूख जाएंगे

और परसों टूट जाएंगे


वक्त ने दिखा दी सब की असलियत

वरना हम तो वह थे

जो सबको अपना कहते थे



हमेशा तैयारी के साथ ही रहना चाहिए मौसम और इंसान कब बदल जाए इसका कोई भरोसा नहीं है



लोग हमारी कदर तब नहीं करते जब हम अकेले हो

बल्कि तब करते हैं जबकि वह अकेले हो



अच्छा इंसान मतलबी नहीं होता

बल्कि बहुत दर हो जाता है उन लोगों से

जिन्हें उनकी कदर नहीं होती




गुरुवार, १८ जून, २०२०

भरोसा

👉👉 भरोसा विश्वास एक कमाल का शब्द है ना।
अगर किसी पर हो जाए तो उसका झूठ भी सच लगता है।
और  अगर किसी से टूट जाए
तो उसका सच भी झूठ लगता है।

दुनिया का हर रिश्ता विश्वास पर ही टिका होता है।
चाहे वह मां-बाप का रिश्ता हो पति-पत्नी का दोस्तों का या फिर प्रेम का

दुनिया की हर रिश्ते की नीव होती है 
विश्वास

किसी पर भरोसा करना विश्वास करना
किसे पर प्यार करने से भी ज्यादा होता है

विश्वास हम उस इसान पर करते हैं
जो हमारा हर सुख दुख में साथ दें
जिस पर यह भरोसा हो
कि हमें छोड़कर कभी नहीं जाएगा
कि हमें कभी धोखा नहीं दे सकता
चाहे लाख मुश्किलें आ जाए
पर यह हमारा साथ कभी नहीं छोड़ेगा
चाहे कितने ही बात बिगड़ जाए

लेकिन सच में जब जिंदगी में उसने आती है मुश्किल घड़ी आती है तब सच्चाई पाता चलती  है।

कि जिस इंसान पर अपने भरोसा करा
वह तो भरोसे के लायक था ही नहीं
किसी के विश्वास पर भरोसे पर खरा उतरना कोई आसान काम नहीं

जब तक कोई हमें धोखा नहीं देता है ना तब तक हम किसी पर भी विश्वास  कर लेते हैं।

जब किसी एक इंसान से हमें धोखा मिलता है  ना तब विश्वास पूरी दुनिया से हट जाता है।

विश्वास हमारे मन में ताकत भरता है
लेकिन धोखा हमारे अंदर की सारी सारी ताकत खत्म कर देता है।

हमें कमजोर इंसान बना देता है
जब कोई इंसान हमारा विश्वास तोड़ता  है भरोसा तोडता है।

तो वह सिर्फ हमारा विश्वास नहीं तोडता वह हमें ही तोड़ कर रख देता है हमारा दिल तोड़ कर रख देता है। हम अंदर से टूट के रह जाते हैं बिखर  कर रह जाते हैं

और एक बात आपसे कहूं
अगर किसी ने आपका विश्वास तोड़ा हुआ है आपको धोखा दिया हुआ है
गलती उसकी है
पाप उसने करा हुआ है
आप क्यों रोते हो।
आप क्यों दुखी होते हो
सजा भी उसेही मिलेगी


किसी को धोखा देना पाप होता है
किसी से धोखा खाना पाप नहीं होता


किसी पर भरोसा करने से  पहले सौ बार सोचना
और किसी का भरोसा तोड़ने के लिए हजार बार

क्योंकि कोई भरोसा करता है तो आपको कोई महत्व देता होगा।

प्यार में कभी किसी को धोखा नहीं मत देता।

क्योंकि जो प्यार करता है वह विश्वास और भरोसे के लायक होता है।

झूठी और फरेबी लोगों पर कभी भरोसा नहीं करना।



बुधवार, २७ मे, २०२०

चिंता एक रोग.............

चिंता एक ऐसी बीमारी है,

जो आपकी मन की सारी खुशियों को खा जाती है,

बहुत ज्यादा चिंता करने वाला इंसान कभी खुश नहीं दिखेगा,

चिंता चिंता में डूबे इंसान को किसी भी बात की खुशी नहीं मिलती,

एक ही बात को लगातार सोचते ही रहेंगे सोचते ही रहेंगे,

ऐसे लोग हमेशा मायूसी और दुख की ऊर्जा में घिरे रहते है,

चाहे कोई खुशी का मौका हो, कोई उत्सव हो या कोई खुशी का त्योहारों,
कोई चीज ऐसे लोगों को खुशी नहीं दे पाती,

ऐसे लोगों को लगता है, सारी जिम्मेदारी हमारे कंधों पर है, हम ध्यान न रखें,
तो सब कुछ बिगड़ जाएगा, पर यह सच नहीं है,

कई बार सिर्फ आपकी चिंता करने की वजह से बनती हुवे  काम भी बिगड़ जाते हैं,







परिवार में  अगर एक इंसान चिंता करता है,
तो उसका प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है,
सारे घर में वही एनर्जी पहले लगती है,
ऐसे घर में कोई खुश नहीं रह पाता।

ऐसे लोगों की धीरे-धीरे ऐसी आदत बन जाती है,
कि वह हर छोटी-छोटी बातों से टेंशन में आ जाते हैं, जो इंसान बहुत ज्यादा चिंता करता है, फिर उसे गुस्सा चिड़चिड़ापन अशांति बेचैनी देर रात तक नींद ना आना सारी बीमारियां लग जाती है।

एक सच कहूं आपसे शायद आपको कड़वा लगे या हो सकता है, आप ना भी मानो।
जितनी जायदा आप चिंता करते हो ना वास्तविक वास्तविक में ऐसा कुछ भी नहीं।
जिसकी चिंता की जाए।

कई लोग कहते हैं,
आपको क्या पता मेरी लाइफ के बारे में
लाइफ कैसी  भी हो,
पर अगर आप समाधान नहीं निकाल पाते
परेशानियों का इसका मतलब आप  खुद एक परेशानी है।

   if you can't solve  the problem, you are the problem.

चिंता एक ऐसा जहर है वह आपका कल तो खुश नहीं बनाएगी लेकिन आज का दिन  आज की खुशियां पूरी बर्बाद कर देगी।

वास्तव में चिंता क्या है
ऐसा ना हो जाए वैसा ना हो जाए ऐसा क्यों हो रहा है। इसका सीधा सा मतलब है,
चिंता आप उसी बातों की करते हो,
जो आपके कंट्रोल में नहीं है,
अब जो आप के कंट्रोल में ही नहीं है,
उनके बारे में सोच सोच कर आप कौन सा स्वर्ग खड़ा कर लोगे। 


गुरुवार, १४ मे, २०२०

समय समय की कसौटी......

जीवन में समय चाहे जैसा भी हो,

अपनों का साथ बड़ा अवश्य होता है,

सुख हो तो बढ़ जाता है,

दुखों हो तो बट जाता है,

अपनों के साथ समय कब बीत जाता है,

पता भी नहीं चलता,

किंतु सोचिए।

यदि आपको ऐसे स्थान पर छोड़ दिया जाए

जहां आपका कोई संबंध ही ना हो,

आपका कोई अपना नाम,

कोई मित्र ना हो,

तो क्या होगा,

एक एक क्षण कितना,

लंबा लगने लगेगा,

तब तक लगेगा जब तक आप किसी को अपना नहीं बनाते,

अब प्रश्न यह उठता है कि आपका अपना कौन है,

ओ संबंधी जो आप रक्त के साथ जुड़े हुए हैं,

जो ओ मित्र जो आप बालपन के साथ पढ़े हुए हैं,

नहीं.......

अपना वो,

जो कठिनाइयां में काम आए,

अपनों की परख समय की कसौटी पर की जाती है,

अपनों के साथ समय का पता नहीं चलता,

किंतु समय के साथ अपनों का पता जरूर चलता है।



बुधवार, १३ मे, २०२०

समझ,,,,,,,

जिंदगी हंसाए तो,
 समझ लेना अच्छे कर्मों का फल मिल रहा है।

और जब रुलाए,
समझ लेना कि अच्छे कर्म करने का समय आ गया है।

सब कुछ खो कर भी,
अगर आपने कुछ करने की हिम्मत बाकी है।

तो समझ लीजिए,
आपने कुछ भी नहीं खोया।

घायल तो यहां हर एक परिंदा है।
मगर जो फिर से उड़ सके।
भी जिंदा है।




वक्त सब कुछ दिखा देता है।
लोगों का साथ भी।
लोगों की औकात भी।

कठिन रास्तों से ना घबराए।
क्योंकि कठिन रास्ते।
अक्सर खूबसूरत मंजिलों पर ले जाते हैं।

विश्वास करने वाले से ज्यादा बेवकूफ विश्वास तोड़ने वाला होता है।

क्योंकि वह अपने छोटे से स्वार्थ के लिए।
एक प्यारे इंसान को खो देता है।


अगर मरने के बाद भी जीना चाहते हो
तो एक काम जरूर करना
पढ़ने लायक कुछ लिख जाना
या लिखने लायक कुछ कर जाना।


उस शिक्षा का कोई मतलब नहीं है
जो इंसानियत नहीं सिखाती


गलत को गलत और सही को सही कहने कि हिम्मत रखना।



बुधवार, ६ मे, २०२०

एक प्यार भी,,,,,,,,

अब उनसे भी क्या शिकायत करना
जिन के कानों तक आपकी आवाज ही नहीं पहुंचती
वा दे तो हजार की थी तूने
चल बता
दे उन में से कोई एक
जो तूने निभाया हो
जो कहते थे कि जी ना सकेंगे तेरे बिना
हो आज भी जिंदा है किसी और को यह सब कहने के लिए

जो कहता था कि हम सिर्फ तेरे हैं
आज पता चला
कि उनकी यह लाइन के पीछे
बहुत से चेहरे है


कसम खाते हैं जो लोग सात जन्म के लिए साथ निभाने की
वक्त आने पर सात कदम उनसे चला नहीं जाता



एक वक्त था घंटों तक तेरे कॉल और एसएमएस का इंतजार किया करते थे

पल पल तेरे प्यार के लिए मरा करते थे
पर इस कदर दिल तोड़ दिया है तूने

ना तेरा प्यार चाहिए ना तेरा वक्त
और ना तू चाहिए
सजा के रखना अपने घमंड को अपने सर पर


तुझसे बात करना तो दूर तेरी शक्ल भी नहीं देखेंगे
रोएगा वह शख्स एक दिन



जिस दिन हमें किसी और के साथ हंसता हुआ पाएगा।


बंद कर दी है तेरे लिए दिल के दरवाजे अब
यह मेरा दिल है कोई खिलौना नहीं
जो हर बार खेल जाओगे


वह कहते थे कि तू तो मेरा भगवान है

यह तो समझ तब आया जब लोगों को भगवान से प्यार करते ही नहीं
हमेशा मांगते हुए देखा


सोच अलग हो सकती है हमारी
मगर प्यार में खुद को लुटा देने की ताकत
तेरे जैसे मतलबी इंसान की बस की बात नहीं


माना प्यार दोनों ने किया था


तूने जो किया था उससे मन की चाहत कहते हैं
और हमने जो किया था उसी रूह की इबादत कहते हैं

जो कहते थे कि मर जाएंगे तेरे बिना
पता चला बहुत नाचते हैं आजकल गैरों की महफिल में


तू चाहता तो हम एक हो सकते थे
अब बात इतनी सी है
कि तूने कभी चाहा ही नहीं

वह कहते हैं कि तुम हमें समझती ही नहीं
वह सही कहते हैं
अगर उन्हें समझाते
तो कभी मुझसे मोहब्बत नहीं करते

जब कोई इंसान वही गलती बार-बार करें
जो तुम्हें दर्द देती है
तो समझ जाओ
वह तुम्हारा साथ नहीं चाहता
वह तुम से छुटकारा चाहता है

सोचते थे कि कैसे जी पाएंगे तेरे बिना
शुक्रगुजार हूं तेरा
तुनहे ही सिखा दिया वक्त ना देकर
तेरे बिना जीना


उसके लिए दुनिया की हर खुशी खरीदने में हम इतने खो गए
कि कभी ख्याल ही नहीं आया
कि उन्होंने कभी आज तक हमारे लिए कागज का फूल भी नहीं खरीदा हमारे लिए


अपनी हर गलती को
हो मजबूरी का नाम देते हुए हमें
हम धोखा देते गए


और हम ना समझ
उनकी हर बात को सच समझ बैठे



वक्त कैसे मिलता हमारे लिए
क्योंकि उन्हें बहुत कुछ पाना है जमाने से
अब कोई
 हमारे तरहे प्यार में खुद को तो नहीं लुटा सकता ना

मंगळवार, ५ मे, २०२०

जिंदगी............

जिंदगी में रिक्स लेना सीखो
अगर तुम जीते
तुम्हें सब कुछ मिलेगा जो तुम चाहते हो
और अगर तुम हार भी गए
और बहुत कुछ सीख जाओगे
जिंदगी में कभी उदास मत होना
कभी भी किसी भी बात पर निराश मत होना
यह जिंदगी तो एक संघर्ष है
इसीलिए कभी अपने जीने का अंदाज ना खोना
उन लोगों के सामने हमेशा खुश रहो
जो तुम्हें पसंद नहीं करते
क्योंकि तुम्हारी खुशी उन्हें जीते जी मार देगी
परेशान मत हुआ करो लोगों की बातों से
कुछ लोग पैदा ही बकवास करने के लिए होते हैं


उस इंसान की शक्ति का कोई मुकाबला नहीं कर सकता
जिसके पास शक्ति के साथ सहनशक्ति भी हो
छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता
और टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता।
याद रखना
सपने अगर तुहमरे है
तो पूरा भी तुम्हीं करोगे

ना हालत तुहमारे हिसाब से होंगे
और ना लोग।

शनिवार, २ मे, २०२०

एक तमन्ना

उदासी तुम पर भी बितेगी, तो तुम भी जान जाओगे.



         कितना दर्द होता है, नजर अंदाज करने से.
        खुद को इतना कमजोर कभी मत होने देना,
        की तुमहे किसी के साथ जरुरत पड जाये,
        उस इंसान के लिए कभी मत रोना, जिसे तुम्हारे आसुओ का मोल ना हो.



       कुछ कह गये, कुछ सह गये, कुछ कहते कहते रहे गये.



      मे सही तुम गलत के खेल मे, न जाने कितने रिश्ते बह गये.



       एक तमन्ना थी कि जिंदगी रंगबिरंगी हो, और  दास्तुर देखिये, जितने जितने भी मिले, गिरगिट निकले.




       सच्चे प्यार की तलाश अब छोडदी मैने, लोक तो बस वक्त बिताने, और दि ल जलाने के लिए ही मिल ते  है.




       अकेले ही गुजरती है जिंदगी, लोक तसलिया तो देते है, लेकिन साथ नाही.




      सबकुछ हासिल नही होता जिंदगी मे यहा, किसीका काश, तो किसी का अगर, रही जाता है.




        नये रिश्ते बनाने की कोशिश में,हमने पुराने रिश्ते को जला दिया. कसुर आपका नाही, हमारा था की हमने अपनों से ज्यादा दुसरो पे बरोसा कर लिया.




        कुछ लोग हमारी जिंदगी  तो होते है,पर हमारी जिंदगी में नही होते.




        पता नही लोक उनको हि क्यु दर्द देते है, जो उनके लिये हर दर्द खुशी खुशी सहते है.



        जिसे ड र ही  नही था मुझे खोने का, ओ क्या अपसोच करेगा. मेरे ना होने का.



        कभी किसी पे हद से ज्यादा उमिंद्द  ना करना, क्यू कि एक दिन उम्मिद के साथ  तू भी तूट जाओ गे.


                कभी कभी हम उन्हे  मांग लेते है, जो किसी और के होते है.
      




वक्त और रिश्ते दो ऐसी चीज है, जो हमे मुक्त मे मिलती है, ओर इनकी  कदर तभ होती है, जब कही खो जाते है, हमेशा के लिये.



        लोक कहते है आज कल बडा मुस्कुरा राहा हू, अ ब इनहे क्या पता, बहुत सारे दर्द दिल में छुपा रहा हु.



          बेचेनिया बाजार में नही मिलती, उन्हे बा टणे वाला कोई बहुत नजदीक का ही होता है.




         हम जिन्हे दरवाजा समजके कटक टा ते ही रहते है, अकसर ओ पत्थर की दि वार  होती है.




         ये जिंदगी भी एलआयसी ऐसी है, गु जारणी तो पडती है, किसी के साथ भी, किसी के बाद भी, 



      कभी कभी किसी बात की कदर ओर अहसास के लिए, जरुरी है कुछ वक्त, उस से दूर रहा जाये.



       किस्सा बना दिया  उन लोगो ने मुझे,
जो कल तक मुझे अपना हिस्सा बताया करते थे.
       

शुक्रवार, १ मे, २०२०

जगावं कसं......

जगाचा एक रिवाज आहे जोपर्यंत काम आहे तोपर्यंत नाव आहे नाहीतर लांबूनच लांब आहे. म्हणून जीवनात मागे म्हणून शिकायचे आणि पुढे बघून चालायची.




         हरलात तरी चालेल फक्त जिंकणारा स्वतःहून म्हंटला पाहिजे हा खेळ आयुष्यातील सर्वात कठीण होता.


         वेळ कसा निघून जाते तो तुमच्या आयुष्यात घडवण्यात घाला किंवा इकडे तिकडे फिरण्यात.



        शेवटी विचार तुम्हालाच करणार आयुष्य तुमचा आहे.




        अध्याय म्हणून सुरुवात करा आणि अविस्मरणीय म्हणून शेवट करा.



         नेतृत्व असं करा की सत्ता तुमची नसली तरी लोकांनी राजा तुम्हाला
म्हटला पाहिजे.



          कसं जगायचं हे बापाने मुलाला सांगण्यापेक्षा कसं जगावे बापाने मुलाला जगून दाखवा आणि मुलांना ते बापाकडुन शिकवा.



         बाकीचे लोक तुम्हाला कसे बघतात हे महत्वाचं नाही. तुम्ही स्वतःला कसे बघतात हे महत्त्वाचा आहे.




         आयुष्यात धाडस केल्याशिवाय काहीच मिळत नाही अपयशाशिवाय.



         प्रत्येक वेळी डरकाळी सोहळ्याची आवश्यकता नसते शांतता तरीदेखील मोठी दहशत होऊ शकते.




       सिंह ज्या जागेवर बसतो त्या जागेवर त्याचे सिंहासन तयार होते. म्हणून सिंहासन मिळवण्याच्या मागे लागू नका. स्वतःला सिह बना. तुम्ही बसा त्या जागेवर आपोआप सिंहासन बनेल.



       लोकोत्तर नाव ठेवतच जाणार पण ठेवलेल्या नावाचा  ब्रँड बनवता  आला पाहिजे.



       तुम्ही लहान आहे तरुण आहे  तुम्हाला यश मिळणार नाही असं समजू नका. वाघ लहान असो की मोठा तो वाघाचा असतो.




       कर्तव्याची एकनिष्ठ असणारी माणसे आयुष्यात कधीच अपयशी होत नाही. 



       
एक महाविजेता होण्यासाठी आपल्याला आपला सर्वोत्तम आहे हा विचार विश्वास आवश्यक आहे.



       सामर्थ्य जगण्यातून मिळत नसते ते
        ते संघर्षातून निर्माण करावे लागते.





       


      इज्जत आणि तारी फ मागितली नाही जात. ती मिळवली जाते.


      जिथे समस्या असतात तिथे संधी सुद्धा असतात. तुम्ही केलेली चूक ही सर्वस्वी तुमची चुक आहे. तुम्ही केलेला पराजय हे सर्वस्वी तुमच्या पराजय आहे.
म्हणून कोणाला दोष देऊ नका. झालेल्या चुकिपासुन शिका आणि पुढे चालत राहा.




        विचार ब्रॅण्डेड असले पाहिजे कपडे नाही.
    




        शब्द दिल्याने आशा निर्माण होतात आणि दिलेला शब्द पाडल्याने विश्वास विश्वास निर्माण होतात...........

शनिवार, २५ एप्रिल, २०२०

छो ड दो,,,,,,,

    जब कोई आपके साथ छल करता है
  हमारे पीठ पीछे हमें धोखा देता है

 तो मन क्रोध व प्रतिशोध से भर जाता है

क्योंकि उनके साथ हम काफी समय बिता चुके होते हैं

अपना मन अपना धन और तन सब कुछ उन पर निछावर कर देते हैं

और इतना कुछ करने के बाद जब कोई अपने धोखा देता है

तो बहुत पीड़ा होती है

बहुत कष्ट होता है

हम यही सोचते रह जाते हैं हमारे में क्या कमी थी

हम बिल्कुल अकेले पड़ जाते हैं

उनको याद करके ना जाने कितने आंसू बहाते हैं

उनकी यादें हमारी पीछा ही नहीं छोड़ती

आप बुलाने की कोशिश करती है फिर भी नहीं भुला पाते

परंतु इससे उस सामने वाले व्यक्ति को कोई फर्क नहीं पड़ता

एक बार भी हमारे बारे में नहीं सोचता
लेकिन उसकी यादों में तड़पते रहना उचित नहीं है 

यह वह अवसर है जहां हमें कुछ बनकर दिखाना है

वह जीवन पर अपनी गलती पर पछतावा करें

कुछ ऐसा करके दिखाना है

जिस कमी के लिए आपको ठुकराया गया है

उससे बेहतर बन के ऊपर ना है

सिर्फ उसके लिए नहीं अपने मान सम्मान और अपने परिवार के लिए
आपका आपके जीवन में कुछ कर जाना ही उसके लिए सबसे बड़ी सजा है

और जब जब आपको देखे अपनी गलती पर पछतावा करें

यह आपकी सबसे बड़ी जीत है

वह धोखेबाज साथी को ना आप शब्द बोलना है ना ईर्षा करना है

उसकी आंखों के सामने ही इतना काबिल बन जाना है
की वो  आपके काबिल ही ना रहे

यू कोशिश आपकी समाज में आपके आसपास के लोगों के लिए प्रेरणा का कारण बनेगी

और धोखेबाज लोगों को एक सबक मिलेगी

और यदि ऐसा नहीं करते हैं
उनकी यादों में भटकते रह जाते हैं
तो आप सिर्फ खुद का ही नहीं अपने प्रेम का ही अपमान करते हैं

क्योंकि किसी के चले जाने से जिंदगी खत्म नहीं होती

आप अपने जीवन में आगे बढ़िए।।।


एक किळ

समाज म्हणजे एक लग्न ,मरण आणि कार्यक्रम.

     आपण एक अशा समाज मध्ये जगत आहे. तिथे फकत लोक, आणि समाज काय म्हणतील बस.

       आपण कोनासाठी काय करू हे आपण कधीच विचार नहीं करत.

            आपल्या डोक्यात लहान पणा पासून समाज काय म्हणेल हेच घालून दिले जाते....

             हो समाज पाहिजे मग तुम्हाला दैंदिंक कोणती पण वस्तू ची गरज लागली तर तुम्ही समाज चे दुकान पाहता न आणि ती तुमच्या समाज कडून बनवली गेले आहे ते अगोदर तपासताना.

            तुम्हाला जीवनावश्यक वस्तूंच्या खरेदीसाठी समाज नको.


        घरातून बाहेर पडण्यापूर्वी आपण आपला विचार नहीं करत जे आपण आपल्या मेहनतीच्या बळावर कामहून पूर्ण करतो...


      पण समाज चा अगोदर विचार करतो  अरे तो ती दिसली तर काय म्हणेल...


     काय म्हणेल का त्याने दिले आहे का..


     *बिमार झाले की सर्वात अगोदर विचार येतो की या बिमारचा सर्वात चांगला इलाज आणि डॉक्टर कुठे आहे..
   मग तेव्हा विचार नहीं येत का या साठी समाज मध्ये कोणता डॉक्टर आहे.
त्या वेळेस नको.



 .     मग निसर्ग जे देतो ते तो सर्वांना एक सारखे देतो पण या या जमिनीवर लोकांनी हा एक खेळ लावला समाज..



    जेव्हा कोणाला रक्ताची गरज असते तेव्हा रक्त द्यायचा अगोदर विचारता का हा हाच समाजाचा आहे न.. 


     
       हा फालतू जो लोकांनी दिलेले किळा आहे फेका तो...


   .  अगोदर विचार करा.   👥    ..




         ☀️⛅जर निसर्ग आपल्या मध्ये कोणता भेद भाव नाही करत तर या समाज मध्ये कोणी कसा केहवा भेदभाव आणला..🌴
             



       जो समाज समाज करतो त्याला माझे एकच म्हणे आहे..



स माज पासूनच सर्वच घाय मग......


ज्या जमिनीवर आपण जगतो ती माता. 🌍
ज्या वर आपली तहान भागवते ते पाणी.⛅
यांनी समाज नाही पहाला कधी...



समाज म्हणे आपल्या जीवनाला लागलेला एक सर्वात मोठा कीळ 🐲🐛🐞आहे...



शिक्षण घेताना समाजचे शिक्षण आणि शाळा का नाही पाहिजे.....


फक्त फक्त लग्नासाठी समाज पाहिजे..



   उच्च शिक्षण उच्च शाळा हवी..ती कोणती पण.... कारण विद्या ला कोणता समाज नाही पाहिजे....



स मा ज.
सुशिक्षित माणसाचा जमाव.


फक्त यात माणसाचा जमाव दिसतो..

सुशिक्षित तर किडा खाऊन गेला..

  सद् सद् विवेक बुध्दी ने विचार करा जरा..✍️✍️✍️✍️



गुरुवार, २३ एप्रिल, २०२०

पैशाची उधारी*



एकजन भेटला राजा,
लैच होता तावात,
पैशासाठी हिंडला थो,
हफ्ताभर गावात..

पुऱ्या गावात त्याले कोनी,
मदत नाही केलती
माही बी राजा त्यानं,
उधारी नाही देलती..

कोन्या तोंडानं मांगीन मले,
माहे जुनेच होते बाकी,
लोकाइबद्दल सांगत होता,
मले टपरी पाशी..

मानूस ओयखाले म्हने राजा,
कितीक टाईम लागते?🤔
पैशे पाय मांगून,
सहज पता लागते...



म्या म्हटलं आपलेबी,
व्यवहार चांगले पाह्यजे,
घेतले पैसे का टायमावर,
वापस देल्ले पाह्यजे😉

टायमावर कुनी राजा,
उधारी नाई चुकवत, 😉
सगे सोयरे दोस्त मित्र,
साऱ्याइले बसते दुखवत😔

घेतले तसे पटकन,
देवुन टाकावं मानसानं,
डबल मांग्यासाठी,
जागा ठेवावं हक्कांन..

देऊन घेऊन ज्यायचे,
व्यवहार असतीन चांगले,
तेच मानसं भाऊ,
माह्या मतान चांगले..😎


रविवार, ५ एप्रिल, २०२०

कोरोनावर एक विचार

मले बी होते,
तुमालेबी होते,
करोना हाय असा,
तो कोनालेबी होते,

ना पाह्यते जात,
ना पाह्यते अमिरी-गरिबी,
देश विदेशात फैलली,
हे खतरनाक बिमारी...

कायजीच घेणं हाय,
फक्त आपल्या हातात,
बाहेर जाऊन कामुन,
जीव टाकता धोक्यात..

एकाची बी चूक,
अंगलटी येऊ शकते,
लागण ह्या रोगाची,
दारोदारी पोहचू शकते..

मस्ती नका आणू,
माज नका करू,
माणुसकीची सांगतो,
लाज नका काढू..

आपल्यापेक्षा नाहीतर,
जनावरं तरी बरी,
मालकाच्या मतानं,
ऐकतात तर खरी..

आपल्या सूंदर देशाचा,
मसनवटा नका करू,
धोका ओळखा पुढचा,
बेमौत नका मरू.

सवय


थुकू नका म्हटलं,
तिथं पयले थुकतीन,
नाही म्हटलं तिथं,
आंदी जाऊन मुततीन..

फोटोसोबत पाकिटावर,
इशारे देल्ले छापून,
सांगा बरं तंबाखू, बिडी,
कोनाची गेली सुटून ?

नाई म्हटलं थे त,
हिरीरीनं करतीन,
घरात बसा म्हटलं,
त रस्त्यावर फिरतीन,

वखत सध्या कसा?
सरकार काय सांगते?
काही लोकं राजा,
नीरा म्याटावानीच वागते..

संचार बंदीत दारूचे,
दुकान फुटू राह्यले,
अशात बी लोकाइले,
भलकाईच सुचू राह्यले..

नाईलाजान पोलीसं मंग
जयलात टाकू रायले,
समजून मारून थे बी,
पुरे कटावू रायले..

काही ठिकानी डॉक्टरले थ,
गोटे मारू राह्यले,
असे म्याट त राजा,
म्या जिंदगीत नाई पाह्यले..

बार्डर वर नाई,
फकस्त घरात राहायले सांगतल,
भडकून अशे राह्यले का,
जसं जीव द्याले सांगतल..

देशासाठी भौ आपन,
येवळ बी न करावं?
देशाचं उपकार मंग,
सांग कधी फेळाव ........


गुरुवार, २ एप्रिल, २०२०

देश को अपने बचाना है*



      *देश को अपने बचाना है*

                 

हम सबकी यह जिम्मेदारी है,
भयानक यह बीमारी है,
करोना को भगाना है,
देश को अपने बचाना है..


        घरके ही भीतर बैठेंगे,
        बार बार हाथ साफ धोयेंगे,
       मुँहपर मास्क चढ़ाएंगे,
      आपस में दूरियाँ बनायेंगे,
      करोना को हराना है,
      देश को अपने बचाना है...











सरकारकी बाते सुननी है,
होटल-दुकाने बंद रखनी है,
चाहे हो नुकसान फिरभी,
समझदारी तो जतानी है,
करोना को हटाना है,
देश को अपने बचाना है...

        एकताका परचम लेकर,
        साथ हमको लड़ना है,
       कुछ दिन रुकलो दोस्त,
       फिर तो आगे बढ़ना है,
      करोना पीछे छोड़ना है,
      देश को अपने बचाना है..


बुधवार, १ एप्रिल, २०२०

अनुभव



माणसाची ही नेहमीच प्रवृत्ती राहिली की, जोवर स्वतःवर बेतत नाही तोवर त्याचे महत्व कळत नाही, या आशयावर लिहलेली कविता..

आम्ही स्वार्थी लोकं,
मुळीच सुधरणार नाही,
     कुणी कितीही सांगो,
     काळजी घेणार नाही..

स्वतः पडल्याशिवाय,
अनुभव घेत नाही,
     जात आमुची अशी,
     बापाचंही ऐकत नाही..

विनंती करतंय सरकार,
घरात आपल्या रहा,
     काही दिवस तरी,
     सामाजिक अंतर ठेवा..

कितीतरी अपघात,
रोज रस्त्यावर होतात,
     पण चालवणारे त्याच,
     किती मनावर घेतात ?

मरणालाही माणूस,
तोवर भीत नाही,
     जोवर त्याच्यासोबत,
     प्रसंग घडत नाही..

घरात आजार आल्याशिवाय,
कोणी सुधरणार नाही,
     करोनाला गमतीत घेणं,
     तोवर सोडणार नाही..

म्हणून म्हणतो देवा,

प्रत्येक घरात किमान,
सर्दी खोकला होऊ दे,
     प्रत्येकाच्या मनात,
     भीतीचं घर होऊ दे..

सोमवार, ३० मार्च, २०२०

कविता



माणसाची ही नेहमीच प्रवृत्ती राहिली की, जोवर स्वतःवर बेतत नाही तोवर त्याचे महत्व कळत नाही, या आशयावर लिहलेली कविता..

आम्ही स्वार्थी लोकं,
मुळीच सुधरणार नाही,
     कुणी कितीही सांगो,
     काळजी घेणार नाही..

स्वतः पडल्याशिवाय,
अनुभव घेत नाही,
     जात आमुची अशी,
     बापाचंही ऐकत नाही..

विनंती करतंय सरकार,
घरात आपल्या रहा,
     काही दिवस तरी,
     सामाजिक अंतर ठेवा..

कितीतरी अपघात,
रोज रस्त्यावर होतात,
     पण चालवणारे त्याच,
     किती मनावर घेतात ?

मरणालाही माणूस,
तोवर भीत नाही,
     जोवर त्याच्यासोबत,
     प्रसंग घडत नाही..

घरात आजार आल्याशिवाय,
कोणी सुधरणार नाही,
     करोनाला गमतीत घेणं,
     तोवर सोडणार नाही..

म्हणून म्हणतो देवा,

प्रत्येक घरात किमान,
सर्दी खोकला होऊ दे,
     प्रत्येकाच्या मनात,
     भीतीचं घर होऊ दे..


रविवार, २९ मार्च, २०२०

समाज



काल मला एक नाटक बघण्याचा योग आला. त्या नाटकातील एक संवाद असा होता,



*समाजाला स्वतःच डोकं नसते, त्याला असतात त्या फक्त भावना........*




मी थोडा खोलवर विचार केला, खरंच असं असते का? तर उत्तर "होय" मिळालं.
समाजाला खरंच स्वतःच डोकं नसतं, असतात तर त्या फक्त भावना..
ज्या वाटेल त्याने भडकाव्यात किंवा त्या भावनेला हात घालून वाटेल तसा उपयोग करून घ्यावा.
समाज म्हटलं की त्यात कुठलीही एक व्यक्ती येत नाही तर येतो तो व्यक्तींचा समूह.
समूह म्हटल्यापेक्षा कळप म्हणने कधीही योग्य राहील; ज्यामध्ये समोरच्याने जिकडे म्हटले तिकडे कुठलाही विचार न करता जाणे.
आजकाल असंच चित्र बघायला मिळतं कुणी भावनांना दुखावतं तर कुणी त्या भावनांना स्पर्श करतयं आणि त्याला प्रतिसाद म्हणून समाज रस्त्यावर उतरतो.




कुण्या एका व्यक्तीला जर रस्त्यावर उतरायला सांगितले तर तो १० वेळा विचार करणार की, आपण जे करतोय किंवा करणार आहो ते चांगले आहे वाईट.. कारण त्याला स्वतःच डोकं असतं, पण समाजाला म्हटला की समाज वाटेल तसा बोटावर नाचवला जाऊ शकतो फक्त भावनेला हात घालायचा असतो.
आणि हो आपल्याकडे बरेचजणांना भावनेसोबत खेळण्यामध्ये *विशारद* प्राप्त झालेले आहे, त्यामुळे कृपया समाजाचा हिस्सा होतांना सावध असावे, आणि आपली सद्सद्विवेक बुद्धी जागृत ठेवावी.


मी उद्योजक होणार

  मी उद्योजक होणार  ----------------------------------------- 1 ते 50 लाख पर्यंत प्रोत्साहन योजना  महाराष्ट्र शासन उद्योग संचालनालय , जिल्ह्...