शनिवार, २५ एप्रिल, २०२०

छो ड दो,,,,,,,

    जब कोई आपके साथ छल करता है
  हमारे पीठ पीछे हमें धोखा देता है

 तो मन क्रोध व प्रतिशोध से भर जाता है

क्योंकि उनके साथ हम काफी समय बिता चुके होते हैं

अपना मन अपना धन और तन सब कुछ उन पर निछावर कर देते हैं

और इतना कुछ करने के बाद जब कोई अपने धोखा देता है

तो बहुत पीड़ा होती है

बहुत कष्ट होता है

हम यही सोचते रह जाते हैं हमारे में क्या कमी थी

हम बिल्कुल अकेले पड़ जाते हैं

उनको याद करके ना जाने कितने आंसू बहाते हैं

उनकी यादें हमारी पीछा ही नहीं छोड़ती

आप बुलाने की कोशिश करती है फिर भी नहीं भुला पाते

परंतु इससे उस सामने वाले व्यक्ति को कोई फर्क नहीं पड़ता

एक बार भी हमारे बारे में नहीं सोचता
लेकिन उसकी यादों में तड़पते रहना उचित नहीं है 

यह वह अवसर है जहां हमें कुछ बनकर दिखाना है

वह जीवन पर अपनी गलती पर पछतावा करें

कुछ ऐसा करके दिखाना है

जिस कमी के लिए आपको ठुकराया गया है

उससे बेहतर बन के ऊपर ना है

सिर्फ उसके लिए नहीं अपने मान सम्मान और अपने परिवार के लिए
आपका आपके जीवन में कुछ कर जाना ही उसके लिए सबसे बड़ी सजा है

और जब जब आपको देखे अपनी गलती पर पछतावा करें

यह आपकी सबसे बड़ी जीत है

वह धोखेबाज साथी को ना आप शब्द बोलना है ना ईर्षा करना है

उसकी आंखों के सामने ही इतना काबिल बन जाना है
की वो  आपके काबिल ही ना रहे

यू कोशिश आपकी समाज में आपके आसपास के लोगों के लिए प्रेरणा का कारण बनेगी

और धोखेबाज लोगों को एक सबक मिलेगी

और यदि ऐसा नहीं करते हैं
उनकी यादों में भटकते रह जाते हैं
तो आप सिर्फ खुद का ही नहीं अपने प्रेम का ही अपमान करते हैं

क्योंकि किसी के चले जाने से जिंदगी खत्म नहीं होती

आप अपने जीवन में आगे बढ़िए।।।


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