बुधवार, १३ मे, २०२०

समझ,,,,,,,

जिंदगी हंसाए तो,
 समझ लेना अच्छे कर्मों का फल मिल रहा है।

और जब रुलाए,
समझ लेना कि अच्छे कर्म करने का समय आ गया है।

सब कुछ खो कर भी,
अगर आपने कुछ करने की हिम्मत बाकी है।

तो समझ लीजिए,
आपने कुछ भी नहीं खोया।

घायल तो यहां हर एक परिंदा है।
मगर जो फिर से उड़ सके।
भी जिंदा है।




वक्त सब कुछ दिखा देता है।
लोगों का साथ भी।
लोगों की औकात भी।

कठिन रास्तों से ना घबराए।
क्योंकि कठिन रास्ते।
अक्सर खूबसूरत मंजिलों पर ले जाते हैं।

विश्वास करने वाले से ज्यादा बेवकूफ विश्वास तोड़ने वाला होता है।

क्योंकि वह अपने छोटे से स्वार्थ के लिए।
एक प्यारे इंसान को खो देता है।


अगर मरने के बाद भी जीना चाहते हो
तो एक काम जरूर करना
पढ़ने लायक कुछ लिख जाना
या लिखने लायक कुछ कर जाना।


उस शिक्षा का कोई मतलब नहीं है
जो इंसानियत नहीं सिखाती


गलत को गलत और सही को सही कहने कि हिम्मत रखना।



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